Thursday, July 18, 2013

ज़िंदगी जीने का जज़्बा :

भारत में पहली बार मुंबई में सिलसिलेवार पाँच परिवारों ने एक दूसरे को "गुर्दे" ( किड्नी ) दान मे दिए और उनका प्रत्यारोपण एक ही दिन हुआ | एक साथ दस ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गये | यह खबर २६ जून को अख़बारों की सुर्खिया थी | इसके सामाजिक और परिवारिक पहलू पर मेरे द्वारा लिखा एक लेख - ज़िंदगी जीने का जज़्बा : नई दिल्ली से प्रकाशित " उत्कर्ष मेल" के १५ - ३१ जुलाई के अंक मे प्रकाशित हुआ है | लिंक साथ है - लिंक पर राइट क्लिक करे और नयी विंडो मे खोले , फिर कर्सर को चित्र पर ले जाए और बड़ा करने के लिए लेफ्ट क्लिक करे .... समय मिले तो पढ़िए |

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